Month: July 2022

takbire-tahrima,-ruku,-tahmid,-tasbeeh

तक्बीरे हरीमा, रुकूअ​, तस्मीअ, तहमीद

तक्बीरे हरीमा: अल्लाहु अक्बर
तर्जुमा: अल्लाह बहुत बड़ा है।,
रुकूअ: सुब्हा न रब्बियल अज़ीम०
तर्जुमा: पाकी बयान करता हूं मैं अपने परवरदिगार बुजुर्ग की।​
तस्मीअ, तहमीद, सज्दे में तस्बीह

tashhadud ya attahiyaat

तशहदुद या अतहीयात

तशहदुद या अतहीयात​: अत्तहीयातु लिल्लाहि वस्स-लवातु वतय्यिबातु अस्सलामु अलै-क अय्युहन्नबीयु व रह-मतुल्लाहि व ब-र-कातुहू…

namaz-me-salam

नमाज में सलाम

नमाज में सलाम​: अस्सलामु अलैकुम व रमतुल्लाह
(सलाम हो तुम पर और रहमत अल्लाह की)
सलाम के बाद की दुआ: अल्लाहुम-म अन्तस्सलामु व मिनकस्सलामु व इलैका यरजेउस्सलामू…

naya-chand-dekhne-per

नया चाँद देखने पर​

नया चाँद देखे तो यह दुआ पढ़े: अल्ला हुम-म अहिल-ल हू अलैना बिल युम्नि वल ईमानि वस्सलामति वल इस्लामि वत्तौफ़ीक़ि लिमा तुहिब्बु व तर्जा रब्बी व रब्बुकल्लाहु0
तर्जुमा- ऐ अल्लाह! इस चांद को हमारे ऊपर बरकत और ईमान और सलामती और इस्लाम के साथ और इन आमाल की तौफ़ीक़ के साथ निकला हुआ रख, जो तुझे पसन्द हैं। ऐ चांद! मेरा और तेरा रब अल्लाह है। -हिस्न (इब्ने हब्बान)

hazat-ki-namaz

हाजत की नमाज़​

हाजत की नमाज़: हज़रत अब्दुल्लाह बिन अबी औफ़ा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलिह व सल्लम ने इर्शाद फ़रमाया कि जिसे अल्लाह से कोई हाजत हो या किसी बन्दे से कोई हाजत हो, तो वुजू करे और अच्छी तरह से वुजू कर के फ़िर दो रक्अतें पढ़ कर अल्लाह की तारीफ़ करे और नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर दुरुद पढ़े और फिर अल्लाह से यों दुआ मांगे

istikhare-ki-dua

इस्तिख़ारे की दुआ​

इस्तिख़ारे की दुआ​: हज़रत जाबिर रज़ियल्लाहु अन्ह फ़रमाते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हम को इस्तिख़ारा इस तरह (एहतिमाम से) सिखाते थे, जैसे करआन शरीफ़ की सरः सिखाते थे और यों इर्शाद फ़रमाया करते थे कि जब तुम्हें कोई काम हो, तो दो रक्अत नमाज़ नफ़्ल पढ़ कर यह दुआ करो

rooh ninalne per

रूह निकलने पर​

रूह निकलने पर​: रूह निकल जाने के बाद मय्यत की आंखें बन्द करके यह पढ़ें-
अल्लाहुम-मगफ़िर्ली फुलानिव वर्फ़अ द-र-ज-त हू फ़िल महदीयीन वख्लुफ़्हु फ़ी अक़ि-बिही फ़िल ग़ाबिरीन वगफ़िर लना व लहू- या रब्बल आ ल मी न वफ़्सह लहू फ़ी क़ब्रिही व नव्विर लहू फ़ीहिo

jaan-nikalte-waqt-ki-dua

जान निकलते वक़्त की दुआ

जान निकलते वक़्त की दुआ​: जब मौत क़रीब नज़र आए तो यों दुआ करे
अल्लाहुम-मग्फ़िर्ली वर्हमनीव अलहिक़नी बिर्रा फ़ीक़िल अअला०
तर्जुमा- ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे और मुझ पर रहम फ़रमा और मुझे ऊपर वाले साथियों में पहुंचा दे। -हिस्न हसीन

karz-ada-karne-ki-duain

क़र्ज़ अदा करने की दुआएं​

क़र्ज़ अदा करने की दुआएं​: अल्लाहुम-मक्फ़िनी बिहलालि-क अन हरामि-क व अग्नि नी बि फ़ज़िल-क अम-मन सिवा-कo
तर्जुमा- ऐ अल्लाह! हराम से बचाते हुए अपने हलाल के ज़रिए तू मेरी किफ़ायत फ़रमा और अपने फ़ज़्ल के ज़रिए तू मुझे अपने गैर से बे-नियाज़ फ़रमा दे। -मिश्कात

bad-fali-lena

बद-फाली लेना​

बद-फाली लेना: किसी चीज़ या किसी हालत को देख कर हरगिज़ बद-फ़ालीन ले, उस को हदीस शरीफ़ में शिर्क फ़रमाया गया है। -हिस्ने हसीन
अगर खामख़ाह बे-इख़्तियार बद-फ़ाली का ख्याल आ जाए तो यह दुआ पढ़े
अल्लाहुम्मम ला याती बिल-ह-स-नाति इल्ला अन-त वला यज़हबु बिस्सइएआति इल्ला अन-त व ला हौ-ल व ला कू-व-त इल्ला बिक0