Dua

namaz ki sunnate

नमाज़ की सुन्नतें

नमाज़ की सुन्नतें​: तक्बीरे तहरीमा के लिये हाथ उठाना।
हाथों की उंगलियां अपने हाल पर छोड़ना।
तकबीर के वक़्त सर न झुकाना।
मुस्तहब्बाते नमाज़​: कियाम की हालत मे सज्दा की जगह नज़र रखना।
रूकूल में पाँव की पीठ की तरफ़ सज्दा में नाक की तरफ़ और क़अदा में गोद की तरफ़ नज़र रखना।

dua jab khana khatam karein

जब खाना ख़त्म करें

दुआ जब खाना ख़त्म करें​: अल हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अत-अ-म-ना व सक़ाना व ज-अ-ल-ना मुस्लिमीन।
तर्जुमा- सब तारीफें ख़ुदा के लिए हैं, जिसने हमें खिलाया और पिलाया और मुसलमान बनाया। -इब्नुस्सिन्नी…

naya-kapda-pahanne-ki-dua

नया कपड़ा पहनने की दुआ​

नया कपड़ा पहनने की दुआ​: अल्लाहुम-म लकल हम्दु कमा कसौ-त नी हि अस् अलुक खै-र हू व खै-र मा सुनि-अ लहू व अऊजु बिक मिन शर्रिही व शर्रि मा सुनि-अ लहू०
तर्जुमा- ऐ अल्लाह! तेरे ही लिए सब तारीफें हैं, जैसा कि तूने यह कपड़ा मुझे पहनाया।…

animal-kharidne-per-dua

नया जानवर ख़रीदने पर

नया जानवर ख़रीदने पर: नया जानवर ख़रीदे तो यह दुआ पढ़े
अल्लाहम-म इन्नी अस अलु-क खै-र हाव खै-र मा जबल-त हा अलैहि व अऊज़ु बि-क मिन शर्रीहा व शर्री मा जबल-तहा अलैहि।

barish ke waqt ki dua

बारिश के वक्त की दुआ​

बारिश के वक्त की दुआ​: अल्ला हुम्म सुक्यनफ़िआ
तर्जुमा: या इलाही! ऐसा पानी बरसा जो नफ़्अ पहुचाये।
मुर्ग की बांग सुन कर पढ़ने की दुआ​:

takbire-tahrima,-ruku,-tahmid,-tasbeeh

तक्बीरे हरीमा, रुकूअ​, तस्मीअ, तहमीद

तक्बीरे हरीमा: अल्लाहु अक्बर
तर्जुमा: अल्लाह बहुत बड़ा है।,
रुकूअ: सुब्हा न रब्बियल अज़ीम०
तर्जुमा: पाकी बयान करता हूं मैं अपने परवरदिगार बुजुर्ग की।​
तस्मीअ, तहमीद, सज्दे में तस्बीह

tashhadud ya attahiyaat

तशहदुद या अतहीयात

तशहदुद या अतहीयात​: अत्तहीयातु लिल्लाहि वस्स-लवातु वतय्यिबातु अस्सलामु अलै-क अय्युहन्नबीयु व रह-मतुल्लाहि व ब-र-कातुहू…

namaz-me-salam

नमाज में सलाम

नमाज में सलाम​: अस्सलामु अलैकुम व रमतुल्लाह
(सलाम हो तुम पर और रहमत अल्लाह की)
सलाम के बाद की दुआ: अल्लाहुम-म अन्तस्सलामु व मिनकस्सलामु व इलैका यरजेउस्सलामू…

naya-chand-dekhne-per

नया चाँद देखने पर​

नया चाँद देखे तो यह दुआ पढ़े: अल्ला हुम-म अहिल-ल हू अलैना बिल युम्नि वल ईमानि वस्सलामति वल इस्लामि वत्तौफ़ीक़ि लिमा तुहिब्बु व तर्जा रब्बी व रब्बुकल्लाहु0
तर्जुमा- ऐ अल्लाह! इस चांद को हमारे ऊपर बरकत और ईमान और सलामती और इस्लाम के साथ और इन आमाल की तौफ़ीक़ के साथ निकला हुआ रख, जो तुझे पसन्द हैं। ऐ चांद! मेरा और तेरा रब अल्लाह है। -हिस्न (इब्ने हब्बान)

hazat-ki-namaz

हाजत की नमाज़​

हाजत की नमाज़: हज़रत अब्दुल्लाह बिन अबी औफ़ा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलिह व सल्लम ने इर्शाद फ़रमाया कि जिसे अल्लाह से कोई हाजत हो या किसी बन्दे से कोई हाजत हो, तो वुजू करे और अच्छी तरह से वुजू कर के फ़िर दो रक्अतें पढ़ कर अल्लाह की तारीफ़ करे और नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर दुरुद पढ़े और फिर अल्लाह से यों दुआ मांगे