Surah Al-Humazah in Hindi

हिन्दी में सूरह अल-हुमज़ह

यह सूरह मक्की है, जिसमें 9 आयतें हैं। इस का नाम सूरह हुमज़ह है। इस की प्रथम आयत में यह शब्द आया है इस का अर्थ है: व्यंग करना, ताना मारना।

सूरह अल-हुमज़ह हिन्दी में

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

  1. वैलुल लिकुल्ली हुमज़तिल लुमजह
  2. अल्लज़ी जमआ मालव व अद ददह
  3. यह सबु अन्ना मा लहू अख्लदह
  4. कल्ला लयुम बज़न्ना फिल हुतमह
  5. वमा अदराका मल हुतमह
  6. नारुल लाहिल मूक़दह
  7. अल्लती तत तलिऊ अलल अफ इदह
  8. इननहा अलैहिम मुअ सदह
  9. फ़ी अमदिम मुमद ददह

हिंदी अनुवाद के साथ सूरह अल-हुमज़ह

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम
अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।

  1. वैलुल लिकुल्ली हुमज़तिल लुमजह
    विनाश हो उस व्यक्ति का, जो कचोके लगाता रहता है और चौटे करता रहता है।
  2. अल्लज़ी जमआ मालव व अद ददह
    जिसने धन एकत्र किया और उसे गिन-गिन कर रखा।
  3. यह सबु अन्ना मा लहू अख्लदह
    क्या वह समझता है कि उसका धन उसे संसार में सदा रखेगा?
  4. कल्ला लयुम बज़न्ना फिल हुतमह
    कदापि ऐसा नहीं होगा। वह अवश्य ही ‘ह़ुतमा’ में फेंका जायेगा।
  5. वमा अदराका मल हुतमह
    और तुम क्या जानो कि ‘ह़ुतमा’ क्या है?
  6. नारुल लाहिल मूक़दह
    वह अल्लाह की भड़काई हुई अग्नि है।
  7. अल्लती तत तलिऊ अलल अफ इदह
    जो दिलों तक जा पहूँचेगी।
  8. इननहा अलैहिम मुअ सदह
    वह, उसमें बन्द कर दिये जायेंगे।
  9. फ़ी अमदिम मुमद ददह
    लँबे-लँबे स्तंभों में।

Surah Al-Humazah in English


Bismillaahir Rahmaanir Raheem

  1. Wailul-likulli hu mazatil-lumazah
  2. Allazee jama’a maalanw wa ‘addadah
  3. Yahsabu anna maalahooo akhladah
  4. Kallaa; layumbazanna fil hutamah
  5. Wa maa adraaka mal-hutamah
  6. Naarul laahil-mooqada
  7. Allatee tattali’u ‘alal af’idah
  8. Innahaa ‘alaihim mu’sada
  9. Fee ‘amadim mumaddadah

Surah Al-Humazah English Translation

In the name of Allah, Most Gracious, Most Merciful.

  1. Woe to every (kind of) scandal-monger and-backbiter,
  2. Who pileth up wealth and layeth it by,
  3. Thinking that his wealth would make him last for ever!
  4. By no means! He will be sure to be thrown into That which Breaks to Pieces,
  5. And what will explain to thee That which Breaks to Pieces?
  6. (It is) the Fire of (the Wrath of) Allah kindled (to a blaze),
  7. The which doth mount (Right) to the Hearts:
  8. It shall be made into a vault over them,
  9. In columns outstretched.
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