सूरह अल-इन्शिराह हिंदी में​

सूरह अल-इन्शिराह (सूरह अलम नशरह)

सूरह अल-इन्शीरह का मतलब “सुकून या आराम” होता है। यह सूरह पारा नंबर 30 मे है। क़ुरान मे इसका सूरह नंबर 94 है। इस मे कुल आयतें 8 है।

सूरह अल-इन्शिराह हिंदी में

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

  1. अलम नशरह लका सदरक
  2. व व ज़ा अना अनका विजरक
  3. अल लज़ी अन कजा जहरक्
  4. व रा फ अना लका जिकरक्
  5. फ इन्ना मा अल उसरि उसरा
  6. इन्ना मा अल उसरि उसरा
  7. फ इज़ा फर्गता फअंसब्
  8. व इल्या रब्बका फर्गद्

सूरह अल-इन्शिराह वीडियो

सूरह अल-इन्शिराह का तर्जुमा हिंदी में

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान रहम बाला है

  1. अलम नशरह लका सदरक।
    (ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)
  2. व व ज़ा अना अनका विजरक
    और तुम पर से वह बोझ उतार दिया
  3. अल लज़ी अन कजा जहरक्
    जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी
  4. व रा फ अना लका जिकरक्
    और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया
  5. फ इन्ना मा अल उसरि उसरा
    तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है
  6. इन्ना मा अल उसरि उसरा
    यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है
  7. फ इज़ा फर्गता फअंसब्
    तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो
  8. व इल्या रब्बका फर्गद्
    और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो

सूरह अल-इन्शिराह तर्जुमा वीडियो

Surah Al-Insyirah in Arabic

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