सूरह तकवीर हिंदी में​

सूरह अत-तकवीर

सूरह अत-तकवीर का मतलब “लपेटना” होता है। सूरह तकवीर कुरान करीम के 30वें पारा में मौजूद 81वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है। इसमे कुल 29 आयतें है और कुल रुकू 1 है।

सूरह तकवीर हिंदी में

अ ऊजु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रजीम
बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम

  1. इज़श्शम्सु कुव्विरत
  2. व इज़न्नुजूमुन क दरत
  3. व इज़ल जिबालु सुय्यिरत
  4. व इज़ल अिशारु अुत्तिलत
  5. व इज़ल वुहूशु हुशिरत
  6. व इज़ल बिहारु सुज्जिरत
  7. व इज़न्नुफूसु जुव्विजत
  8. व इज़ल मौऊ दतु सुअिलत
  9. बिअय्यि ज़मबिन कुतिलत
  10. व इज़स्सुहुफु नुशिरत
  11. व इज़स्समा – उ कुशितत्
  12. व इज़ल जहीम सुअ्अ़िरत
  13. व इज़ल जन्नतु उज़्लिफ़त
  14. अ़लिमत् नफ़्सुम मा अह् ज़रत
  15. फ़ला उक्सिमु बिल्खुन्नसिल
  16. जवारिल कुन्नस
  17. वल् लैलि इज़ा अ़स् अ़ स
  18. वस्सुब्हि इज़ा त नफ़्फ़ स
  19. इन्नहू ल क़ौलु रसूलिन करीम
  20. ज़ी कुव्वतिन् अिन् द ज़िल् अ़र्शि मकीन
  21. मुताअिन् सम् म अमीन
  22. व मा साहिबुकुम् बिमज्नून
  23. व ल – क़द् रआहु बिल् उफुकिल मुबीन
  24. व मा हु व अ़लल् ग़ौबि बि ज़नीन
  25. व मा हु व बिक़ौलि शैतानिर् रजीम
  26. फ़ऐ न तज़्हबून
  27. इन्हु व इल्ला ज़िक्रुल् लिल् आ़लमीन
  28. लिमन् शा अ मिन्कुम् अंय्यस्तकीम
  29. व मा तशाऊ न इल्ला अंय्यशा अल्लाह रब्बुल् आ़लमीन

सूरह तकवीर वीडियो

सूरह तकवीर का हिन्दी तर्जुमा

बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम
अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान , रह्म करने वाला है।

  1. इज़श्शम्सु कुव्विरत
    जब सूरज लपेट दिया जाएगा।
  2. व इज़न्नुजूमुन क दरत
    और जब सितारे बेनूर हो जाएंगे।
  3. व इज़ल जिबालु सुय्यिरत
    और जब पहाड़ चलाए जाएंगे।
  4. व इज़ल अिशारु अुत्तिलत
    और जब दस महीने की गाभन ऊंटनियां आवारा फिरेंगी।
  5. व इज़ल वुहूशु हुशिरत्
    और जब वहशी जानवर इकट्ठा हो जाएंगे।
  6. व इज़ल – बिहारु सुज्जिरत
    और जब समुद्र भड़का दिए जाएंगे।
  7. व इज़न्नुफूसु जुव्विजत
    और जब एक-एक क़िस्म के लोग इकट्ठा किए जाएंगे।
  8. व इज़ल मौऊ दतु सुअिलत्
    और जब ज़िंदा गाड़ी हुई लड़की से पूछा जाएगा
  9. बिअय्यि ज़मबिन् कुतिलत
    कि वह किस क़ूसूर में मारी गई।
  10. व इज़स्सुहुफु नुशिरत्
    और जब आमालनामे (कर्म-पत्र) खोले जाएंगे।
  11. व इज़स्समा उ कुशितत्
    और जब आसमान खुल जाएगा।
  12. व इज़ल जहीम सुअ्अ़िरत्
    और दोजख़ भड़काई जाएगी।
  13. व इज़ल जन्नतु उज़्लिफ़त्
    और जब जन्नत क़रीब लाई जाएगी।
  14. अ़लिमत् नफ़्सुम् – मा अह् – ज़रत्
    हर शख्स जान लेगा कि वह क्‍या लेकर आया है।
  15. फ़ला उक्सिमु बिल्खुन्नसिल्
    पस नहीं, मैं क़सम खाता हूं पीछे हटने वाले,
  16. जवारिल कुन्नस
    चलने वाले और छुप जाने वाले सितारों की।
  17. वल् लैलि इज़ा अ़स् अ़ स
    और रात की जब वह जाने लगे।
  18. वस्सुब्हि इज़ा त नफ़्फ़ स
    और सुबह की जब वह आने लगे
  19. इन्नहू ल क़ौलु रसूलिन् करीम
    कि यह एक बाइज़्ज़त रसूल का लाया हुआ कलाम है।
  20. ज़ी कुव्वतिन् अिन् द ज़िल् अ़र्शि मकीन
    क्रुव्वत वाला, आर्श वाले के नजदीक बुलन्द मर्तबा है।
  21. मुताअिन् सम् म अमीन
    उसकी बात मानी जाती है, वह अमानतदार है।
  22. व मा साहिबुकुम् बिमज्नून
    और तुम्हारा साथी दीवाना नहीं।
  23. व ल क़द् रआहु बिल् उफुकिल मुबीन
    और उसने उसे खुले उफ़ुक़र (क्षितिज) में देखा है।
  24. व मा हु व अ़लल् ग़ौबि बि ज़नीन
    और वह गैब की बातों का हरीस (हिर्स रखने वाला) नहीं।
  25. व मा हु व बिक़ौलि शैतानिर् रजीम
    और वह शैतान मरदूद का क़ौल नहीं।
  26. फ़ऐ न तज़्हबून
    फिर तुम किधर जा रहे हो।
  27. इन्हु व इल्ला ज़िक्रुल् लिल् आ़लमीन
    यह तो बस आलम (संसार) वालों के लिए एक नसीहत है,
  28. लिमन् शा अ मिन्कुम् अंय्यस्तकीम
    उसके लिए जो तुम में से सीधा चलना चाहे।
  29. व मा तशाऊ न इल्ला अंय्यशा अल्लाह रब्बुल् आ़लमीन
    और तुम नहीं चाह सकते मगर यह है कि अल्लाह रब्बुल आलमीन चाहे।

सूरह तकवीर उर्दू तर्जुमा वीडियो

Surah At-takvir in Arabic

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