जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ​: आपका जन्म दिन और संसार का सौभाग्य​: हज़रत “आमिना” के घर के आंगन में एक नन्हे मुन्ने बच्चे ने पहली किलकारी मारी। दाई “हलीमा” ने …

जीवनी पैगंबर मुहम्मद पेज 14

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

नबूवत के ग्यारह साल में हज के दिनों की बात है। हुजूर अकरम ने रात के अंधेरे में “मक्का” शहर से कुछ दूर पर एक जगह “उक़्बा” पर लोगों को बातें करते सुना। इस …

जीवनी पैगंबर मुहम्मद पेज 13

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

मक्का में वापस आकर नबी मुहम्मद मुस्तफ़ा ने अब ऐसा करना शुरू किया कि अलग-अलग क़बीलो़ के आवास में तशरीफ़ ले जाते। या “मक्का” से बाहर चले जाते और जो कोई…

जीवनी पैगंबर मुहम्मद पेज 12

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

इस्लाम जैसे-जैसे बढ़ रहा था वैसे-वैसे हालात और सख़्त होते जा रहे थे। ऐसे में नबूवत के दसवें साल हुज़ूर अकरम के चाचा “अबू तालिब” जो आपका मजबूत सहारा थे…

जीवनी पैगंबर मुहम्मद पेज 11

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

“मक्का” के काफ़िर देखते थे कि उनकी लाख कोशिशों के बावजूद इस्लाम हर दिन बढ़ता जा रहा था “उमर” और “हमज़ा” रज़िअल्लाह अन्हु जैसे लोग भी मुस्लमान हो चुके थे।

जीवनी पैगंबर मुहम्मद पेज 9

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

लम्बे अंतराल तक जुल्मो-सितम सहने के बाद अब वह समय आ गया था कि नबी करीम ने सहाबा को अनुमति दे दी कि जो चाहे अपनी जान और ईमान को बचाने के लिए “हबश” चला जाए।

जीवनी पैगंबर मुहम्मद पेज 8

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

क़ुरैश के लोगों ने जब देखा कि “मुहम्मद” हमारी बात नहीं मानेंगे तो उन्होंने उन ग़रीबों पर ग़ुस्सा उतारा जो उनके गुलाम वगैरह थे। जब दोपहर की गर्मी से अरब की …

जीवनी पैगंबर मुहम्मद पेज 7

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

“मक्का” के मुश्रिकों को एक के बाद एक नाकामी झेलनी पड़ रही थी। हर तरकीब हर बात खराब हो रही थी। इसके लिए उन सबने तय किया कि एक बार हम सब मिल कर एक साथ …

जीवनी पैगंबर मुहम्मद पेज 6

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

हुज़ूर पाक अपनी ज़िम्मेदारी में लगे रहे। “मक्का” के लोग यूँ तो हुज़ूर को जान का नुक़सान नहीं पहुँचा सकते थे पर इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की हानि पहुँचाने…

जीवनी पैगंबर मुहम्मद पेज 5

जीवनी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ

अब जबकि मुस्लामानों को खुली तबलीग़ (प्रचार ) का आदेश आ चुका था तो इन सब को आगे की मंज़िल तय करनी थी। हुज़ूर अकरम अपने सभी साथियों को लेकर हरम में गए और…

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