सूरह मरियम हिंदी में​

सूरह मरियम | Surah Maryam

सूरह मरियम कुरान के 16वें पारा में 19वीं सूरह है। यह मक्की सूरह है। इस सूरह मे कुल 98 आयतें और कुल 6 रुकू है।

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सूरह मरियम हिंदी में | Surah Maryam in Hindi

अ ऊजु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रजीम
बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम

  1. काफ़ हा या ऐन साद
  2. ज़िकरू रहमति रब्बिका अब्दहू ज़-करिय्या
  3. इज़ नादा रब्बहू निदाअन ख़फिय्या
  4. क़ाला रब्बि इन्नी व-हनल अज्मु मिन्नी वश तअल रअ’सु शैबौ वलम अकुम बिदुआइ-क रब्बि शक़िय्या
  5. व इन्नी खिफ्तुल मवालिया मिव वराई व कानतिम रअती आक़िरन फ़हब ली मिल लदुनका वलिय्या
  6. य रिसुनी व यरिसु मिन आलि यअ’क़ूब वज अल्हु रब्बि रदिय्या
  7. या ज़ करिय्या इन्ना नुबश शिरुका बि गुलामि निसमुहु यहया लम नजअल लहू मिन क़ब्लु समिय्या
  8. क़ाला रब्बि अन्ना यकूनु ली गुलामुव व कानतिम रअती आक़िरौ वक़द बलग्तू मिनल कि-बरि इतिय्या
  9. क़ाला कज़ालिका क़ाला रब्बुका हुवा अलय्या हय्यिनुव वक़द खलक तुका मिन क़ब्लु वलम तकु शैआ
  10. क़ाला रब्बिज अल ली आयह, काला आयतुका अल्ला तुकल्लिमन नासा सलासा लयालिन सविय्या
  11. फ़ ख़राजा अला क़ौमिही मिनल मिहराबि फ़औहा इलैहिम अन सब्बिहू बुकरतौ व अशिय्या
  12. या यहया खुज़िल किताबा बिकुव्वह, व आतैनाहुल हुक्मा सबिय्या
  13. व हनानम मिल लदुन्ना व ज़कातव व काना तक़िय्या
  14. व बर्रम बि वालिदैहि वलम यकुन जब्बारन असिय्या
  15. व सलामुन अलैहि यौमा वुलिदा व यौमा यमूतु व यौमा युब असु हय्या
  16. वज्कुर फ़िल किताबि मरयम, इजिन त-बज़त मिन अहलिहा मकानन शर क़िय्या
  17. फत त-खज़त मिन दूनिहिम हिजाबन फ़ अरसलना इलैहा रूहना फ़ तमस्सला लहा ब-शरन सविय्या
  18. क़ालत इन्नी अऊजु बिर रहमानि इन कुन्ता तक़िय्या
  19. क़ाला इन्नमा अना रसूलु रब्बिकि लि अ-हबा लकि गुलामन ज़किय्या
  20. क़ालत अन्ना यकूनु ली गुलामुव वलम यम्सस्नी ब-शरुव वलम अकु बगिय्या
  21. क़ाला कज़ालिका क़ाला रब्बुका हुवा अलैया हय्यिन, व लिनज अ-लहू आयतल लिन नासि वरह मतम मिन्ना, वकान अमरम मक़ दिय्या
  22. फ़ हमलत्हु फन त-बज़त बिही मकानन क़सिय्या
  23. फ़ अजा अहल मख़ादु इला जिज़इन नख्लह क़ालत या लैतनी मित्तु क़ब्ला हाज़ा व कुन्तु नस्यम मन्सिय्या
  24. फ़ नादाहा मिन तह्तिहा अल्ला तह्ज़नी क़द ज-अला रब्बुकि तहतकि सरिय्या
  25. व हुज़ज़ी इलैकि बिजिज़ इन नख्लति तुसाक़ित अलैकि रु-तबन जनिय्या
  26. फ़ कुली वशरबी व क़र्री ऐना, इम्मा तारा यिन्ना मिनल ब-शरी अहदन फक़ूली इन्नी नज़रतु लिर रहमानि सौमन फलन उकल्लिमल यौमा इन्सिय्या
  27. फ़ अतत बिही क़ौमहा तहमिलुह, कालू या मरयमु लक़द जिअ’ति शैअन फ़रिय्या
  28. या उख़ता हारूना मा काना अबूकिम रअ सौइव वमा कानत उम्मुकि बगिय्या
  29. फ़ अशारत इलैह, क़ालू कैफ़ा नुकल्लिमु मन काना फ़िल महदि सबिय्या
  30. क़ाला इन्नी अब्दुल लाह, आतानियल किताब व जअलनी नबिय्या
  31. व ज-अलनी मुबारकन ऐनमा कुन्तु व औसानी बिस सलाति वाज़ ज़काति मा दुम्तु हय्या
  32. व बर्रम बिवालिदती वलम यज अल्नी जब्बारन शक़िय्या
  33. वस सलामु अलैया यौमा वुलित्तु व यौमा अमूतु व यौमा उब असु हय्या
  34. ज़ालिका ईसब्नु मरयम क़ौलल हक्किल लज़ी फीहि यमतरून
  35. मा काना लिल लाहि अय यत तखिज़ा मिव व-लदिन सुबहानह, इज़ा क़दा अमरन फ़ इन्नमा यक़ूलु लहू कुन फ़यकून
  36. व इन्नल लाहा रब्बी व रब्बुकुम फ़अ’बुदूह हाज़ा सिरातुम मुस्तक़ीम
  37. फ़ख त-लफल अह्ज़ाबू मिम बैनिहिम, फ़वैलुल लिल लज़ीना कफ़रू मिम मश हादि यौमिन अज़ीम
  38. अस्मिअ’ बिहिम व अबसिर यौमा यअ’तूनना लाकिनिज़ ज़ालिमूनल यौमा फ़ी दलालिम मुबीन
  39. व अन्ज़िरहुम यौमल हसरति इज़ कुदियल अमरु वहुम फ़ी ग़फ्लतिव वहुम ला युअ’मिनून
  40. इन्ना नहनु नरिसुल अरदा वमन अलैहा व इलैना यूर जऊन
  41. वज्कुर फ़िल किताबि इब्राहीम, इन्नहू काना सिद्दीक़न नबिय्या
  42. इज़ क़ाला लि अबीहि या अबति लिमा तअ’बुदु माला यस्मऊ वला युब्सिरू वला युग्नी अनका शैआ
  43. या अ-बति इन्नी क़द जाअनी मिनल इल्मि मा लम यअ’तिका फत तबिअ’नी अह्दिका सिरातन सविय्या
  44. या अबति ला तअ’बुदिश शैतान, इन्नश शैताना काना लिर रहमानि असिय्या
  45. या अ-बति इन्नी अख़ाफु अय यमस सका अज़ाबुम मिनर रहमानि फ़ तकूना लिश शैतानि वलिय्या
  46. क़ाला अरागिबुन अंता अन आलि-हती या इब्राहीम, लइल लम तन्तहि ल अरजुमन नका वह जुरनी मलिय्या
  47. क़ाला सलामुन अलै-क सअस्तग फिरू लका रब्बी, इन्नहू काना बी हफ़िय्या
  48. व अअ’ तज़िलुकुम वमा तदऊना मिन दूनिल लाहि व अदऊ रब्बी, असा अल्ला अकूना बि दुआइ रब्बि शक़िय्या
  49. फलम मअ’ त-ज़लहुम वमा यअ’बुदूना मिन दूनिल लाहि वहब्ना लहू इस्हाक़ा व यअक़ू-ब वकुल्लन जअलना नबिय्या
  50. व वहब्ना लहुम मिर रहमतिना व जअल्ना लहुम लिसाना सिद्क़िन अलिय्या
  51. वज्कुर फ़िल किताबि मूसा, इन्नहू काना मुख्लसव व काना रसूलन नबिय्या
  52. व नादैनाहु मिन जानिबित तूरिल ऐमनि व क़र रब्नाहु नजिय्या
  53. व वहबना लहू मिर रहमतिना अख़ाहू हारू-न नबिय्या
  54. व कुर फ़िल किताबि इस्माईल, इन्नहू काना सदिक़ल वअ’दि व का-न रसूलन नबिय्या
  55. वकान यअ’मुरु बिस सलाति वज़ ज़काति वकाना इन्दा रब्बिही मर दिय्या
  56. वज़कुर फ़िल किताबि इदरीस, इन्नहू का-न सिद दीक़न नबिय्या
  57. व रफ़अ’नाहू मकानन अलिय्या
  58. *उलाइकल लज़ीना अन अमल लाहू अलैहिम मिनन नबिय्यीना मिन जुर रिय्यति आदम, व मिम्मन हमलना मअ नूह, वमिन ज़ुर रिय्यति इब्राही-म व इसराई-ल व मिम्मन हदैना वज तबैना, इज़ा तुतला अलैहिम आयातुर रहमानि ख़र्रू सुज्जदौ व बुकिय्या [Sajda]
  59. फ़ ख़-लफ़ मिम बअ’दिहिम खल्फुन अदाउस सलाता वत त-बउश श-हवाति फ़ सौफ़ा यल्क़ौना ग़य्या
  60. इल्ला मन ताबा आमना व अमिला सालिहन फ़ उलाइका यद् खुलूनल जन्नता वला युज्लमूना शैआ
  61. जन्नाति अदनि निल लती व अदर रह्मानु इबादहू बिल गैब, इन्नहू काना वअ’दुहू मअ’तिय्या
  62. ला यस्म ऊना फ़ीहा लगवन इल्ला सलामा व लहुम रिज्क़ुहुम फ़ीहा बुकरतव व अशिय्या
  63. तिल्कल जन्नतुल लती नूरिसु मिन इबादिना मन कान तक़िय्या
  64. वमा न-तनज़ ज़लु इल्ला बिअमरि रब्बिक, लहू मा बैना ऐदीना वमा ख़ल्फ़ना वमा बैना ज़ालिक, वमा काना रब्बुका नसिय्या
  65. रब्बुस समावाति वल अरदि वमा बैनहुमा फ़अ’बुद्हू वस तबिर लि इबादतिह, हल तअ’लमु लहू समिय्या
  66. व यक़ूलुल इंसानु अइज़ा मा मित्तु लसौफ़ा उख़रजू हय्या
  67. अ वला यज्कुरुल इंसानु इन्ना ख़लक्नाहु मिन क़ब्लु वलम यकु शैआ
  68. फ़ वरब्बिका लनह शुरन नहूम वश शयातीना सुम्मा लनुह दिरन नहुम हौला जहन्नमा जिसिय्या
  69. सुम्मा लननज़ि अन्ना मिन कुल्लि शीअतिन अय्युहुम अशद्दु अलर रहमानि इतिय्या
  70. सुम्मा लनहनु अअ’लमु बिल लज़ीना हुम औला बिहा सिलिय्या
  71. वइम मिन्कुम इल्ला वारिदुहा, काना अला रब्बिका हत्मम मक़दिय्या
  72. सुम्मा नुनज्जिल लज़ीनत तक़ौ व न-ज़रुज़ ज़ालिमीना फ़ीहा जिसिय्या
  73. व इज़ा तुतला अलैहिम आयातुना बय्यिनातिन क़ालल लज़ीना कफ़रू लिल लज़ीना आमनू अय्युल फरीक़ैनि खैरुम मक़ामौ वअहसनु नदिय्या
  74. वकम अहलक्ना क़ब्लहुम मिन क़रनिन हुम अहसनु असासव व रि’अया
  75. क़ुल मन काना फ़िद दलालति फ़ल यम्दुद लहुर रहमानु मददा, हत्ता इज़ा रऔ मा यूअदूना इम्मल अज़ाबा व इम्मस साअह, फ़ स यअ’लमूना मन हुवा शररुम मकानौ व अदअफु जुन्दा
  76. व यज़ीदुल लाहुल लज़ीनह तदौ हुदा, वल बाक़ियातुस सालिहातु खैरुन इन्दा रब्बिका सवाबौ व खैरुम मरद दा
  77. अफ़ा रऐतल लज़ी कफ़रा बि आयातिना वक़ाला लऊ तयन्ना मालौ वव लदा
  78. अत त-लअल गैबा अमित तख़ाज़ा इन्दर रहमानि अहदा
  79. कल्ला, सनक तुबु मा यक़ूलु व नमुद्दु लहू मिनल अजाबि मद्दा
  80. व नरिसुहू मा यक़ूलु व यअ’तीना फ़रदा
  81. वत तख़जू मिन दूनिल लाहि आलि हतल लियकूनू लहुम इज्ज़ा
  82. कल्ला, सयक फुरूना बि इबादातिहिम व यकूनूना अलैहिम दिद्दा
  83. अलम तरा अन्ना अरसल नश शयातीना अलल काफ़िरीना तउज्ज़ुहुम अज्ज़ा
  84. फला तअ’जल अलैहिम इन्नमा नउद्दु लहुम अददा
  85. यौमा नह्शुरुल मुत्तक़ीना इलर रहमानि वफ्दा
  86. व नसूक़ुल मुजरिमीना इला जहन्नमा विरदा
  87. ला यमलिकू नश शफ़ाअता इल्ला मनित तखाज़ा इन्दर रहमानि अहदा
  88. व क़ालुत त-खज़र रहमानु व-लदा
  89. लक़द जिअ’तुम शैअन इद्दा
  90. तकादुस समावातु यता फ़त तरना मिन्हु व तन्शक़ क़ुल अरदु व तखिर रुल जिबालु हद्दा
  91. अन दऔ लिर रहमानि व-लदा
  92. वमा यम्बगी लिर रहमानि अय यत तखिज़ा व-लदा
  93. इन कुल्लू मन फिस समावाति वल अरदि इल्ला आतिर रहमानि अब्दा
  94. लक़द अह्साहुम व अद्दहुम अददा
  95. व कुल्लुहुम आतीहि यौमल क़ियामति फ़रदा
  96. इन्नल लज़ीना आमनू व अमिलुस सालिहाति सयज अलु लहुमुर रहमानु वुद्दा
  97. फ़ इन्नमा यस सरनाहु बि लिसानिका लितुबश शिरा बिहिल मुत्तक़ीना व तुन्ज़िरा बिही क़ौमल लुद्दा
  98. वकम अहलकना क़ब्लहुम मिन करनिन हल तुहिस्सु मिन्हुम मिन अहदिन अव तसमऊ लहुम रिक्ज़ा

सूरह मरियम का तर्जुमा हिंदी में | Surah Maryam Hindi Translation

बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम
अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान , रहम करने वाला है।

  1. काफ़ हा या ऐन साद
    काफ़0 हा0 या0 ऐन0 साद0
  2. ज़िकरू रहमति रब्बिका अब्दहू ज़-करिय्या
    वर्णन है तेरे रब की दयालुता का, जो उसने अपने बन्दे ज़करीया पर दर्शाई,
  3. इज़ नादा रब्बहू निदाअन ख़फिय्या
    जबकि उसने अपने रब को चुपके से पुकारा।
  4. क़ाला रब्बि इन्नी व-हनल अज्मु मिन्नी वश तअल रअ’सु शैबौ वलम अकुम बिदुआइ-क रब्बि शक़िय्या
    उसने कहा, “मेरे रब! मेरी हड्डियाँ कमज़ोर हो गईं और सिर बुढ़ापे से भड़क उठा। और मेरे रब! तुझे पुकारकर मैं कभी बेनसीब नहीं रहा।
  5. व इन्नी खिफ्तुल मवालिया मिव वराई व कानतिम रअती आक़िरन फ़हब ली मिल लदुनका वलिय्या
    मुझे अपने पीछे अपने भाई-बन्धुओं की ओर से भय है और मेरी पत्नी बाँझ है। अतः तू मुझे अपने पास से एक उत्तराधिकारी प्रदान कर,
  6. य रिसुनी व यरिसु मिन आलि यअ’क़ूब वज अल्हु रब्बि रदिय्या
    जो मेरा भी उत्तराधिकारी हो और याक़ूब के वशंज का भी उत्तराधिकारी हो। और उसे मेरे रब! वांछनीय बना।”
  7. या ज़ करिय्या इन्ना नुबश शिरुका बि गुलामि निसमुहु यहया लम नजअल लहू मिन क़ब्लु समिय्या
    (उत्तर मिला,) “ऐ ज़करीया! हम तुझे एक लड़के की शुभ सूचना देते हैं, जिसका नाम यह्या होगा। हमने उससे पहले किसी को उसके जैसा नहीं बनाया।”
  8. क़ाला रब्बि अन्ना यकूनु ली गुलामुव व कानतिम रअती आक़िरौ वक़द बलग्तू मिनल कि-बरि इतिय्या
    उसने कहा, “मेरे रब! मेरे लड़का कहाँ से होगा, जबकि मेरी पत्नी बाँझ है और मैं बुढ़ापे की अन्तिम अवस्था को पहुँच चुका हूँ?”
  9. क़ाला कज़ालिका क़ाला रब्बुका हुवा अलय्या हय्यिनुव वक़द खलक तुका मिन क़ब्लु वलम तकु शैआ
    कहा, “ऐसा ही होगा। तेरे रब ने कहा है कि यह मेरे लिए सरल है। इससे पहले मैं तुझे पैदा कर चुका हूँ, जबकि तू कुछ भी न था।”
  10. क़ाला रब्बिज अल ली आयह, काला आयतुका अल्ला तुकल्लिमन नासा सलासा लयालिन सविय्या
    उसने कहा, “मेरे रब! मेरे लिए कोई निशानी निश्चित कर दे।” कहा, “तेरी निशानी यह है कि तू भला-चंगा रहकर भी तीन रात (और दिन) लोगों से बात न करे।”
  11. फ़ ख़राजा अला क़ौमिही मिनल मिहराबि फ़औहा इलैहिम अन सब्बिहू बुकरतौ व अशिय्या
    अतः वह मेहराब से निकलकर अपने लोगों के पास आया और उनसे संकेतों में कहा, “प्रातः काल और सन्ध्या समय तसबीह करते रहो।”
  12. या यहया खुज़िल किताबा बिकुव्वह, व आतैनाहुल हुक्मा सबिय्या
    “ऐ यह्या! किताब को मज़बूत थाम ले।” हमने उसे बचपन ही में निर्णय-शक्ति प्रदान की,
  13. व हनानम मिल लदुन्ना व ज़कातव व काना तक़िय्या
    और अपने पास से नरमी और शौक़ और आत्मविश्वास। और वह बड़ा डरनेवाला था।
  14. व बर्रम बि वालिदैहि वलम यकुन जब्बारन असिय्या
    और अपने माँ-बाप का हक़ पहचाननेवाला था। और वह सरकश अवज्ञाकारी न था ।
  15. व सलामुन अलैहि यौमा वुलिदा व यौमा यमूतु व यौमा युब असु हय्या
    “सलाम उस पर, जिस दिन वह पैदा हुआ और जिस दिन उसकी मृत्यु हो और जिस दिन वह जीवित करके उठाया जाए!”
  16. वज्कुर फ़िल किताबि मरयम, इजिन त-बज़त मिन अहलिहा मकानन शर क़िय्या
    और इस किताब में मरयम की चर्चा करो, जबकि वह अपने घरवालों से अलग होकर एक पूर्वी स्थान पर चली गई।
  17. फत त-खज़त मिन दूनिहिम हिजाबन फ़ अरसलना इलैहा रूहना फ़ तमस्सला लहा ब-शरन सविय्या
    फिर उसने उनसे परदा कर लिया। तब हमने उसके पास अपनी रूह (फ़रिश्ते) को भेजा और वह उसके सामने एक पूर्ण मनुष्य के रूप में प्रकट हुआ।
  18. क़ालत इन्नी अऊजु बिर रहमानि इन कुन्ता तक़िय्या
    वह बोल उठी, “मैं तुझसे बचने के लिए रहमान की पनाह माँगती हूँ; यदि तू (अल्लाह का) डर रखनेवाला है (तो यहाँ से हट जाएगा) ।”
  19. क़ाला इन्नमा अना रसूलु रब्बिकि लि अ-हबा लकि गुलामन ज़किय्या
    उसने कहा, “मैं तो केवल तेरे रब का भेजा हुआ हूँ, ताकि तुझे नेकी और भलाई से बढ़ा हुआ लड़का दूँ।”
  20. क़ालत अन्ना यकूनु ली गुलामुव वलम यम्सस्नी ब-शरुव वलम अकु बगिय्या
    वह बोली, “मेरे कहाँ से लड़का होगा, जबकि मुझे किसी आदमी ने छुआ तक नहीं और न मैं कोई बदचलन हूँ?”
  21. क़ाला कज़ालिका क़ाला रब्बुका हुवा अलैया हय्यिन, व लिनज अ-लहू आयतल लिन नासि वरह मतम मिन्ना, वकान अमरम मक़ दिय्या
    उसने कहा, “ऐसा ही होगा। रब ने कहा है कि यह मेरे लिए सहज है। और ऐसा इसलिए होगा (ताकि हम तुझे) और ताकि हम उसे लोगों के लिए एक निशानी बनाएँ और अपनी ओर से एक दयालुता। यह तो एक ऐसी बात है जिसका निर्णय हो चुका है।”
  22. फ़ हमलत्हु फन त-बज़त बिही मकानन क़सिय्या
    फिर उसे उस (बच्चे) का गर्भ रह गया और वह उसे लिए हुए एक दूर के स्थान पर अलग चली गई।
  23. फ़ अजा अहल मख़ादु इला जिज़इन नख्लह क़ालत या लैतनी मित्तु क़ब्ला हाज़ा व कुन्तु नस्यम मन्सिय्या
    अन्ततः प्रसव पीड़ा उसे एक खजूर के तने के पास ले आई। वह कहने लगी, “क्या ही अच्छा होता कि मैं इससे पहले ही मर जाती और भूली-बिसरी हो गई होती!”
  24. फ़ नादाहा मिन तह्तिहा अल्ला तह्ज़नी क़द ज-अला रब्बुकि तहतकि सरिय्या
    उस समय उसे उसके नीचे से पुकारा, “शोकाकुल न हो। तेरे रब ने तेरे नीचे एक स्रोत प्रवाहित कर रखा है।
  25. व हुज़ज़ी इलैकि बिजिज़ इन नख्लति तुसाक़ित अलैकि रु-तबन जनिय्या
    तू खजूर के उस वृक्ष के तने को पकड़कर अपनी ओर हिला। तेरे ऊपर ताज़ा पकी-पकी खजूरें टपक पड़ेंगी।
  26. फ़ कुली वशरबी व क़र्री ऐना, इम्मा तारा यिन्ना मिनल ब-शरी अहदन फक़ूली इन्नी नज़रतु लिर रहमानि सौमन फलन उकल्लिमल यौमा इन्सिय्या
    अतः तू उसे खा और पी और आँखें ठंडी कर। फिर यदि तू किसी आदमी को देखे तो कह देना, मैंने तो रहमान के लिए रोज़े की मन्नत मानी है। इसलिए मैं आज किसी मनुष्य से न बोलूँगी।”
  27. फ़ अतत बिही क़ौमहा तहमिलुह, कालू या मरयमु लक़द जिअ’ति शैअन फ़रिय्या
    फिर वह उस बच्चे को लिए हुए अपनी क़ौम के लोगों के पास आई। वे बोले, “ऐ मरयम, तूने तो बड़ा ही आश्चर्य का काम कर डाला!
  28. या उख़ता हारूना मा काना अबूकिम रअ सौइव वमा कानत उम्मुकि बगिय्या
    हे हारून की बहन! न तो तेरा बाप ही कोई बुरा आदमी था और न तेरी माँ ही बदचलन थी।”
  29. फ़ अशारत इलैह, क़ालू कैफ़ा नुकल्लिमु मन काना फ़िल महदि सबिय्या
    तब उसने उस (बच्चे) की ओर संकेत किया। वे कहने लगे, “हम उससे कैसे बात करें जो पालने में पड़ा हुआ एक बच्चा है?”
  30. क़ाला इन्नी अब्दुल लाह, आतानियल किताब व जअलनी नबिय्या
    उसने कहा, “मैं अल्लाह का बन्दा हूँ। उसने मुझे किताब दी और मुझे नबी बनाया
  31. व ज-अलनी मुबारकन ऐनमा कुन्तु व औसानी बिस सलाति वाज़ ज़काति मा दुम्तु हय्या
    और मुझे बरकतवाला किया जहाँ भी मैं रहूँ, और मुझे नमाज़ और ज़कात की ताकीद की, जब तक कि मैं जीवित रहूँ।
  32. व बर्रम बिवालिदती वलम यज अल्नी जब्बारन शक़िय्या
    और अपनी माँ का हक़ अदा करनेवाला बनाया। और उसने मुझे सरकश और बेनसीब नहीं बनाया।
  33. वस सलामु अलैया यौमा वुलित्तु व यौमा अमूतु व यौमा उब असु हय्या
    सलाम है मुझपर जिस दिन कि मैं पैदा हुआ और जिस दिन कि मैं मरूँ और जिस दिन कि जीवित करके उठाया जाऊँ!”
  34. ज़ालिका ईसब्नु मरयम क़ौलल हक्किल लज़ी फीहि यमतरून
    सच्ची और पक्की बात की दृष्टि से यह है कि मरयम का बेटा ईसा, जिसके विषय में वे सन्देह में पड़े हुए हैं।
  35. मा काना लिल लाहि अय यत तखिज़ा मिव व-लदिन सुबहानह, इज़ा क़दा अमरन फ़ इन्नमा यक़ूलु लहू कुन फ़यकून
    अल्लाह ऐसा नहीं कि वह किसी को अपना बेटा बनाए। महान और उच्च है वह! जब वह किसी चीज़ का फ़ैसला करता है तो बस उसे कह देता है, “हो जा!” तो वह हो जाती है।
  36. व इन्नल लाहा रब्बी व रब्बुकुम फ़अ’बुदूह हाज़ा सिरातुम मुस्तक़ीम
    “और निस्संदेह अल्लाह मेरा रब भी है और तुम्हारा रब भी। अतः तुम उसी की बन्दगी करो यही सीधा मार्ग है।”
  37. फ़ख त-लफल अह्ज़ाबू मिम बैनिहिम, फ़वैलुल लिल लज़ीना कफ़रू मिम मश हादि यौमिन अज़ीम
    किन्तु उनमें कितने ही गरोहों ने पारस्परिक वैमनस्य के कारण विभेद किया, तो जिन लोगों ने इनकार किया उनके लिए बड़ी तबाही है एक बड़े दिन की उपस्थिति से।
  38. अस्मिअ’ बिहिम व अबसिर यौमा यअ’तूनना लाकिनिज़ ज़ालिमूनल यौमा फ़ी दलालिम मुबीन
    भली-भाँति सुननेवाले और भली-भाँति देखनेवाले होंगे, जिस दिन वे हमारे सामने आएँगे! किन्तु आज ये ज़ालिम खुली गुमराही में पड़े हुए हैं।
  39. व अन्ज़िरहुम यौमल हसरति इज़ कुदियल अमरु वहुम फ़ी ग़फ्लतिव वहुम ला युअ’मिनून
    उन्हें पश्चात्ताप के दिन से डराओ, जबकि मामले का फ़ैसला कर दिया जाएगा, और उनका हाल यह है कि वे ग़फ़लत में पड़े हुए हैं और वे ईमान नहीं ला रहे हैं।
  40. इन्ना नहनु नरिसुल अरदा वमन अलैहा व इलैना यूर जऊन
    धरती और जो भी उसके ऊपर है उसके वारिस हम ही रह जाएँगे और हमारी ही ओर उन्हें लौटना होगा।
  41. वज्कुर फ़िल किताबि इब्राहीम, इन्नहू काना सिद्दीक़न नबिय्या
    और इस किताब में इबराहीम की चर्चा करो। निस्संदेह वह एक सत्यवान नबी था।
  42. इज़ क़ाला लि अबीहि या अबति लिमा तअ’बुदु माला यस्मऊ वला युब्सिरू वला युग्नी अनका शैआ
    जबकि उसने अपने बाप से कहा, “ऐ मेरे बाप! आप उस चीज़ को क्यों पूजते हो, जो न सुने और न देखे और न आपके कुछ काम आए?
  43. या अ-बति इन्नी क़द जाअनी मिनल इल्मि मा लम यअ’तिका फत तबिअ’नी अह्दिका सिरातन सविय्या
    ऐ मेरे बाप! मेरे पास ज्ञान आ गया है जो आपके पास नहीं आया। अतः आप मेरा अनुसरण करें, मैं आपको सीधा मार्ग दिखाऊँगा।
  44. या अबति ला तअ’बुदिश शैतान, इन्नश शैताना काना लिर रहमानि असिय्या
    ऐ मेरे बाप! शैतान की बन्दगी न कीजिए। शैतान तो रहमान का अवज्ञाकारी है।
  45. या अ-बति इन्नी अख़ाफु अय यमस सका अज़ाबुम मिनर रहमानि फ़ तकूना लिश शैतानि वलिय्या
    ऐ मेरे बाप! मैं डरता हूँ कि कहीं आपको रहमान की कोई यातना न आ पकड़े और आप शैतान के साथी होकर रह जाएँ।”
  46. क़ाला अरागिबुन अंता अन आलि-हती या इब्राहीम, लइल लम तन्तहि ल अरजुमन नका वह जुरनी मलिय्या
    उसने कहा, “ऐ इबराहीम! क्या तू मेरे उपास्यों से फिर गया है? यदि तू बाज़ न आया तो मैं तुझपर पथराव कर दूँगा। तू अलग हो जा मुझसे मुद्दत के लिए!”
  47. क़ाला सलामुन अलै-क सअस्तग फिरू लका रब्बी, इन्नहू काना बी हफ़िय्या
    कहा, “सलाम है आपको! मैं आपके लिए अपने रब से क्षमा की प्रार्थना करूँगा। वह तो मुझपर बहुत मेहरबान है।
  48. व अअ’ तज़िलुकुम वमा तदऊना मिन दूनिल लाहि व अदऊ रब्बी, असा अल्ला अकूना बि दुआइ रब्बि शक़िय्या
    मैं आप लोगों को छोड़ता हूँ और उनको भी जिन्हें अल्लाह से हटकर आप लोग पुकारा करते हैं। मैं तो अपने रब को पुकारूँगा। आशा है कि मैं अपने रब को पुकारकर बेनसीब नहीं रहूँगा।”
  49. फलम मअ’ त-ज़लहुम वमा यअ’बुदूना मिन दूनिल लाहि वहब्ना लहू इस्हाक़ा व यअक़ू-ब वकुल्लन जअलना नबिय्या
    फिर जब वह उन लोगों से और जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पूजते थे उनसे अलग हो गया, तो हमने उसे इसहाक़ और याक़ूब प्रदान किए और हर एक को हमने नबी बनाया।
  50. व वहब्ना लहुम मिर रहमतिना व जअल्ना लहुम लिसाना सिद्क़िन अलिय्या
    और उन्हें अपनी दयालुता से हिस्सा दिया। और उन्हें एक सच्ची उच्च ख्याति प्रदान की।
  51. वज्कुर फ़िल किताबि मूसा, इन्नहू काना मुख्लसव व काना रसूलन नबिय्या
    और इस किताब में मूसा की चर्चा करो। निस्संदेह वह चुना हुआ था और एक रसूल, नबी था।
  52. व नादैनाहु मिन जानिबित तूरिल ऐमनि व क़र रब्नाहु नजिय्या
    हमने उसे ‘तूर’ के मुबारक छोर से पुकारा और रहस्य की बातें करने के लिए हमने उसे समीप किया।
  53. व वहबना लहू मिर रहमतिना अख़ाहू हारू-न नबिय्या
    और अपनी दयालुता से उसके भाई हारून को नबी बनाकर उसे दिया।
  54. व कुर फ़िल किताबि इस्माईल, इन्नहू काना सदिक़ल वअ’दि व का-न रसूलन नबिय्या
    और इस किताब में इसमाईल की चर्चा करो। निस्संदेह वह वादे का सच्चा और वह एक रसूल, नबी था।
  55. वकान यअ’मुरु बिस सलाति वज़ ज़काति वकाना इन्दा रब्बिही मर दिय्या
    और अपने लोगों को नमाज़ और ज़कात का हुक्म देता था। और वह अपने रब के यहाँ प्रीतिकर व्यक्ति था।
  56. वज़कुर फ़िल किताबि इदरीस, इन्नहू का-न सिद दीक़न नबिय्या
    और इस किताब में इदरीस की भी चर्चा करो। वह अत्यन्त सत्यवान, एक नबी था।
  57. व रफ़अ’नाहू मकानन अलिय्या
    हमने उसे उच्च स्थान पर उठाया था।
  58. * उलाइकल लज़ीना अन अमल लाहू अलैहिम मिनन नबिय्यीना मिन जुर रिय्यति आदम, व मिम्मन हमलना मअ नूह, वमिन ज़ुर रिय्यति इब्राही-म व इसराई-ल व मिम्मन हदैना वज तबैना, इज़ा तुतला अलैहिम आयातुर रहमानि ख़र्रू सुज्जदौ व बुकिय्या (Sajda)
    ये वे पैग़म्बर हैं जो अल्लाह के कृपापात्र हुए, आदम की सन्तान में से और उन लोगों के वंशज में से जिनको हमने नूह के साथ सवार किया, और इबराहीम और इसराईल के वंशज में से और उनमें से जिनको हमने सीधा मार्ग दिखाया और चुन लिया। जब उन्हें रहमान की आयतें सुनाई जातीं तो वे सजदा करते और रोते हुए गिर पड़ते थे।
  59. फ़ ख़-लफ़ मिम बअ’दिहिम खल्फुन अदाउस सलाता वत त-बउश श-हवाति फ़ सौफ़ा यल्क़ौना ग़य्या
    फिर उनके पश्चात ऐसे बुरे लोग उनके उत्तराधिकारी हुए, जिन्होंने नमाज़ को गँवाया और मन की इच्छाओं के पीछे पड़े। अतः जल्द ही वे गुमराही (के परिणाम) से दोचार होंगे।
  60. इल्ला मन ताबा आमना व अमिला सालिहन फ़ उलाइका यद् खुलूनल जन्नता वला युज्लमूना शैआ
    किन्तु जो तौबा करे और ईमान लाए और अच्छा कर्म करे, तो ऐसे लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे। उनपर कुछ भी ज़ुल्म न होगा।
  61. जन्नाति अदनि निल लती व अदर रह्मानु इबादहू बिल गैब, इन्नहू काना वअ’दुहू मअ’तिय्या
    अदन (रहने) के बाग़ जिनका रहमान ने अपने बन्दों से परोक्ष में होते हुए वादा किया है। निश्चय ही उसके वादे पर उपस्थित होना है।
  62. ला यस्म ऊना फ़ीहा लगवन इल्ला सलामा व लहुम रिज्क़ुहुम फ़ीहा बुकरतव व अशिय्या
    वहाँ वे ‘सलाम’ के सिवा कोई व्यर्थ बात नहीं सुनेंगे। उनकी रोज़ी उन्हें वहाँ प्रातः और सन्ध्या समय प्राप्त होती रहेगी।
  63. तिल्कल जन्नतुल लती नूरिसु मिन इबादिना मन कान तक़िय्या
    यह है वह जन्नत जिसका वारिस हम अपने बन्दों में से हर उस व्यक्ति को बनाएँगे, जो डर रखनेवाला हो।
  64. वमा न-तनज़ ज़लु इल्ला बिअमरि रब्बिक, लहू मा बैना ऐदीना वमा ख़ल्फ़ना वमा बैना ज़ालिक, वमा काना रब्बुका नसिय्या
    हम तुम्हारे रब की आज्ञा के बिना नहीं उतरते। जो कुछ हमारे आगे है और जो कुछ हमारे पीछे है और जो कुछ इसके मध्य है सब उसी का है, और तुम्हारा रब भूलनेवाला नहीं है।
  65. रब्बुस समावाति वल अरदि वमा बैनहुमा फ़अ’बुद्हू वस तबिर लि इबादतिह, हल तअ’लमु लहू समिय्या
    आकाशों और धरती का रब है और उसका भी जो इन दोनों के मध्य है। अतः तुम उसी की बन्दगी करो और उसकी बन्दगी पर जमे रहो। क्या तुम्हारे ज्ञान में उस जैसा कोई है?
  66. व यक़ूलुल इंसानु अइज़ा मा मित्तु लसौफ़ा उख़रजू हय्या
    और मनुष्य कहता है, “क्या जब मैं मर गया तो फिर जीवित करके निकाला जाऊँगा?”
  67. अ वला यज्कुरुल इंसानु इन्ना ख़लक्नाहु मिन क़ब्लु वलम यकु शैआ
    क्या मनुष्य याद नहीं करता कि हम उसे इससे पहले पैदा कर चुके हैं, जबकि वह कुछ भी न था?
  68. फ़ वरब्बिका लनह शुरन नहूम वश शयातीना सुम्मा लनुह दिरन नहुम हौला जहन्नमा जिसिय्या
    अतः तुम्हारे रब की क़सम! हम अवश्य उन्हें और शैतानों को भी इकट्ठा करेंगे। फिर हम उन्हें जहन्नम के चतुर्दिक इस दशा में ला उपस्थित करेंगे कि वे घुटनों के बल झुके होंगे।
  69. सुम्मा लननज़ि अन्ना मिन कुल्लि शीअतिन अय्युहुम अशद्दु अलर रहमानि इतिय्या
    फिर प्रत्येक गरोह में से हम अवश्य ही उसे छाँटकर अलग करेंगे जो उनमें से रहमान (कृपाशील प्रभु) के मुक़ाबले में सबसे बढ़कर सरकश रहा होगा।
  70. सुम्मा लनहनु अअ’लमु बिल लज़ीना हुम औला बिहा सिलिय्या
    फिर हम उन्हें भली-भाँति जानते हैं जो उसमें झोंके जाने के सर्वाधिक योग्य हैं।
  71. वइम मिन्कुम इल्ला वारिदुहा, काना अला रब्बिका हत्मम मक़दिय्या
    तुममें से प्रत्येक को उसपर पहुँचना ही है। यह एक निश्चय पाई हुई बात है, जिसे पूरा करना तेरे रब के ज़िम्मे है।
  72. सुम्मा नुनज्जिल लज़ीनत तक़ौ व न-ज़रुज़ ज़ालिमीना फ़ीहा जिसिय्या
    फिर हम डर रखनेवालों को बचा लेंगे और ज़ालिमों को उसमें घुटनों के बल छोड़ देंगे।
  73. व इज़ा तुतला अलैहिम आयातुना बय्यिनातिन क़ालल लज़ीना कफ़रू लिल लज़ीना आमनू अय्युल फरीक़ैनि खैरुम मक़ामौ वअहसनु नदिय्या
    जब उन्हें हमारी खुली हुई आयतें सुनाई जाती हैं तो जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे ईमान लानेवालों से कहते हैं, “दोनों गरोहों में स्थान की दृष्टि से कौन उत्तम है और कौन मजलिस की दृष्टि से अधिक अच्छा है?”
  74. वकम अहलक्ना क़ब्लहुम मिन क़रनिन हुम अहसनु असासव व रि’अया
    हालाँकि उनसे पहले हम कितनी ही नसलों को विनष्ट कर चुके हैं जो सामग्री और बाह्य भव्यता में इनसे कहीं अच्छी थीं!
  75. क़ुल मन काना फ़िद दलालति फ़ल यम्दुद लहुर रहमानु मददा, हत्ता इज़ा रऔ मा यूअदूना इम्मल अज़ाबा व इम्मस साअह, फ़ स यअ’लमूना मन हुवा शररुम मकानौ व अदअफु जुन्दा
    कह दो, “जो गुमराही में पड़ा हुआ है उसके प्रति तो यही चाहिए कि रहमान उसकी रस्सी ख़ूब ढीली छोड़ दे, यहाँ तक कि जब ऐसे लोग उस चीज़ को देख लेंगे जिसका उनसे वादा किया जाता है – चाहे यातना हो या क़ियामत की घड़ी – तो वे उस समय जान लेंगे कि अपने स्थान की दृष्टि से कौन निकृष्ट और जत्थे की दृष्टि से अधिक कमज़ोर है।”
  76. व यज़ीदुल लाहुल लज़ीनह तदौ हुदा, वल बाक़ियातुस सालिहातु खैरुन इन्दा रब्बिका सवाबौ व खैरुम मरद दा
    और जिन लोगों ने मार्ग पा लिया है, अल्लाह उनके मार्गदर्शन में अभिवृद्धि प्रदान करता है और शेष रहनेवाली नेकियाँ ही तुम्हारे रब के यहाँ बदले और अन्तिम परिणाम की दृष्टि से उत्तम हैं।
  77. अफ़ा रऐतल लज़ी कफ़रा बि आयातिना वक़ाला लऊ तयन्ना मालौ वव लदा
    फिर क्या तुमने उस व्यक्ति को देखा जिसने हमारी आयतों का इनकार किया और कहा, “मुझे तो अवश्य ही धन और सन्तान मिलने को है?”
  78. अत त-लअल गैबा अमित तख़ाज़ा इन्दर रहमानि अहदा
    क्या उसने परोक्ष को झाँककर देख लिया है, या उसने रहमान से कोई वचन ले रखा है?
  79. कल्ला, सनक तुबु मा यक़ूलु व नमुद्दु लहू मिनल अजाबि मद्दा
    कदापि नहीं, हम लिखेंगे जो कुछ वह कहता है और उसके लिए हम यातना को दीर्घ करते चले जाएँगे।
  80. व नरिसुहू मा यक़ूलु व यअ’तीना फ़रदा
    और जो कुछ वह बताता है उसके वारिस हम होंगे और वह अकेला ही हमारे पास आएगा।
  81. वत तख़जू मिन दूनिल लाहि आलि हतल लियकूनू लहुम इज्ज़ा
    और उन्होंने अल्लाह से इतर अपने कुछ पूज्य-प्रभु बना लिए हैं, ताकि वे उनके लिए शक्ति का कारण बनें।
  82. कल्ला, सयक फुरूना बि इबादातिहिम व यकूनूना अलैहिम दिद्दा
    कुछ नहीं, ये उनकी बन्दगी का इनकार करेंगे और उनके विरोधी बन जाएँगे।
  83. अलम तरा अन्ना अरसल नश शयातीना अलल काफ़िरीना तउज्ज़ुहुम अज्ज़ा
    क्या तुमने देखा नहीं कि हमने शैतानों को छोड़ रखा है, जो इनकार करनेवालों पर नियुक्त हैं?
  84. फला तअ’जल अलैहिम इन्नमा नउद्दु लहुम अददा
    अतः तुम उनके लिए जल्दी न करो। हम तो बस उनके लिए (उनकी बातें) गिन रहे हैं।
  85. यौमा नह्शुरुल मुत्तक़ीना इलर रहमानि वफ्दा
    याद करो जिस दिन हम डर रखनेवालों को सम्मानित गरोह के रूप में रहमान के पास इकट्ठा करेंगे।
  86. व नसूक़ुल मुजरिमीना इला जहन्नमा विरदा
    और अपराधियों को जहन्नम के घाट की ओर प्यासा हाँक ले जाएँगे।
  87. ला यमलिकू नश शफ़ाअता इल्ला मनित तखाज़ा इन्दर रहमानि अहदा
    उन्हें सिफ़ारिश का अधिकार प्राप्त न होगा। सिवाय उसके, जिसने रहमान के यहाँ से अनुमोदन प्राप्त कर लिया हो।
  88. व क़ालुत त-खज़र रहमानु व-लदा
    वे कहते हैं, “रहमान ने किसी को अपना बेटा बनाया है।”
  89. लक़द जिअ’तुम शैअन इद्दा
    अत्यन्त भारी बात है, जो तुम घड़ लाए हो!
  90. तकादुस समावातु यता फ़त तरना मिन्हु व तन्शक़ क़ुल अरदु व तखिर रुल जिबालु हद्दा
    निकट है कि आकाश इससे फट पड़े और धरती टुकड़े-टुकड़े हो जाए और पहाड़ धमाके के साथ गिर पड़ें,
  91. अन दऔ लिर रहमानि व-लदा
    इस बात पर कि उन्होंने रहमान के लिए बेटा होने का दावा किया!
  92. वमा यम्बगी लिर रहमानि अय यत तखिज़ा व-लदा
    जबकि रहमान की प्रतिष्ठा के प्रतिकूल है कि वह किसी को अपना बेटा बनाए।
  93. इन कुल्लू मन फिस समावाति वल अरदि इल्ला आतिर रहमानि अब्दा
    आकाशों और धरती में जो कोई भी है एक बन्दे के रूप में रहमान के पास आनेवाला है।
  94. लक़द अह्साहुम व अद्दहुम अददा
    उसने उनका आकलन कर रखा है और उन्हें अच्छी तरह गिन रखा है।
  95. व कुल्लुहुम आतीहि यौमल क़ियामति फ़रदा
    और उनमें से प्रत्येक क़ियामत के दिन उस अकेले (रहमान) के सामने उपस्थित होगा।
  96. इन्नल लज़ीना आमनू व अमिलुस सालिहाति सयज अलु लहुमुर रहमानु वुद्दा
    निस्संदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए शीघ्र ही रहमान उनके लिए प्रेम उत्पन्न कर देगा ।
  97. फ़ इन्नमा यस सरनाहु बि लिसानिका लितुबश शिरा बिहिल मुत्तक़ीना व तुन्ज़िरा बिही क़ौमल लुद्दा
    अतः हमने इस वाणी को तुम्हारी भाषा में इसी लिए सहज एवं उपयुक्त बनाया है, ताकि तुम इसके द्वारा डर रखनेवालों को शुभ सूचना दो और उन झगड़ालू लोगों को इसके द्वारा डराओ ।
  98. वकम अहलकना क़ब्लहुम मिन करनिन हल तुहिस्सु मिन्हुम मिन अहदिन अव तसमऊ लहुम रिक्ज़ा
    उनसे पहले कितनी ही नसलों को हम विनष्ट कर चुके हैं। क्या उनमें किसी की आहट तुम पाते हो या उनकी कोई भनक सुनते हो?
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