नात: सोचता हूँ मैं वो घड़ी क्या अजब घड़ी होगी

Naat: Sochta Hoon Main Wo Ghari Kya Ajab Ghari Hogi

नात: सोचता हूँ मैं वो घड़ी, क्या अजब घड़ी होगी, जब दर-ए-नबी पर हम सब की हाज़री होगी, आरज़ू है सीने में, घर बने मदीने में,र, हो करम जो बंदे पबंदा-परवरी होगी, …

नात: याद-ए-मुस्तफ़ा ऐसी बस गई है सीने में

Naat- Yaad-e-Mustafa Aisi Bas Gai Hai Seene Mein​

नात: याद-ए-मुस्तफ़ा ऐसी बस गई है सीने में​, जिस्म हो कहीं अपना, दिल तो है मदीने में, याद-ए-मुस्तफ़ा ऐसी बस गई है सीने में, जिस्म तो यहीं है अपना, दिल तो है …

नात: तमन्ना मुद्दतों से है, जमाल-ए-मुस्तफ़ा देखूँ

Naat: Tamanna Muddaton Se Hai, Jamaal-e-Mustafa Dekhun​

नात: तमन्ना मुद्दतों से है, जमाल-ए-मुस्तफ़ा देखूँ, इमामुल-अम्बिया देखूँ, हबीब-ए-किब्रिया देखूँ, वो जिन के दम-क़दम से सुब्ह ने भी रौशनी पाई, मुनव्वर कर …

नात: मुस्तफ़ा! आप के जैसा कोई आया ही नहीं!

Naat: Mustafa! Aap Ke Jaisa Koi Aaya Hi Nahin!​

नात: मुस्तफ़ा! आप के जैसा कोई आया ही नहीं!, आता भी कैसे! जब अल्लाह ने बनाया ही नहीं!, कोई सानी न है रब का, न मेरे आक़ा का,एक का जिस्म नहीं, एक का साया ही …

नात: काबे की रौनक़ काबे का मंज़र…

Naat: Kabe Ki Raunaq Kabe Ka Manzar Allahu Akbar Allahu Akbar Naat

नात: काबे की रौनक़ काबे का मंज़र अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर​, देखूँ तो देखे जाऊँ बराबर, अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर, हैरत से ख़ुद को कभी देखता हूँ और देखता …

नात: फलक से दुरूदो सलाम आ रहा है

Naat- Falak Se Durood o Salam A Raha Hay

नात: फलक से दुरूदो सलाम आ रहा है,जुबां पर मुहम्मद नाम आ रहा है,मुझे मिल गयी है दो आलम की शाही,मेरा उनके मंगतों में नाम आ रहा है,जो दस्तूरे आखिर …

नात: ठंडी ठंडी हवा रहमतों की चली

Naat​: Thandi Thandi Hawa Rehmaton Ki Chali

नात: ठंडी ठंडी हवा रहमतों की चली, बन के मौज-ए-करम मुस्तफ़ा आ गए, हल मेरी हो गईं ख़ुद-ब-ख़ुद मुश्किलें, सारे ‘आलम के मुश्किल-कुशा आ गए, आ गए! आ गए! मुस्तफ़ा …

नात​: मदीना आने वाला है

Naat : Madina Aanay Wala Hai

नात​: मदीना आने वाला है: संभल जा ए दिले मुजतर मदीना आने वाला है, लुटा ए चश्मे तर ग़ौहर मदीना आने वाला है, क़दम बन जाए मेरा सर मदीना आने वाला है, बिछूं …

नात: दुआओं में मेरी ख़ुदाया असर दे

Duaaon Mein Meri Khudaya Asar De Naat

नात: दुआओं में मेरी ख़ुदाया असर दे​, मेरी काविशों का मुझे तू समर दे, करूँ अहल-ए-दुनिया के ग़म का मदावा, मेरे हाथ में कोई ऐसा हुनर दे, भटकता फिरा हूँ मैं …

नात: अल्लाह ही अल्लाह किया करो​

Naat: Allah Hi Allah Kiya Karo

अल्लाह ही अल्लाह किया करो नात​: अल्लाह ही अल्लाह किया करो, दुख न किसी को दिया करो, जो दुनिया का मालिक है, नाम उसी का लिया करो, अल्लाह ही अल्लाह, अल्लाह …

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